सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है।

“सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।” हर साल 23 मार्च को देशभर में सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी को बलिदान दिवस के रूप […]