एमबीबीएस डिग्री चाहिए या बोर्ड की मार्कशीट, सब कुछ बेचता था ये रैकेट

कोलकाता में एक ऐसा रैकेट पकड़ा गया है, जो युवाओं को इंटरनेट के जरिए पहले अच्छे कॉलेजों में दाखिले के नाम पर फुसलाता था. फिर उन्हें फांसकर किसी भी कोर्स की फर्जी डिग्री खरीदने का प्रलोभन देता था.

कुछ ही दिन पहले पश्चिम बंगाल में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ राज्य सरकार ने अभियान चलाया था, जिसमें 550 से ज्यादा फर्जी डॉक्टर सीआईडी की निगाह में आए थे. अब ये कैसी भी फर्जी डिग्री देने वाला रैकेट सामने आया है. कोलकाता पुलिस ने रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

कैसी भी डिग्री लीजिए
चाहे आपको एमबीए डिग्री चाहिए या फिर एमबीबीएस, यहां सबकुछ उपलब्ध था. किसी भी शिक्षा संस्थान की डिग्री हासिल की जा सकती थी. धन के एवज में ये मनचाही मार्कशीट और सर्टीफिकेट उपलब्ध करा देते थे. ये रैकेट पश्चिम बंगाल के पटौली में लंबे समय से चलाया जा रहा था. रैकेट के सरगना को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस की पहल में न्यूज18 टीम और एक एनजीओ भी शामिल थे.

इंटरनेट पर लुभावने विज्ञापन देता था
इस रैकेट को निओस ग्रुप ऑफ एजुकेशन के नाम से चलाया जाता था. इसका सरगना हरिकिशोर तिवारी है. ये रैकेट इंटरनेट पर लुभावने विज्ञापन देकर लोगों को जाल में फंसाता था. शुरुआत में किसी भी जाने माने और प्रतिष्ठित कॉलेज या कोर्स में दाखिले का भरोसा देते थे. जब छात्र और उनके अभिभावक उनसे संपर्क करते थे तो वो उन्हें दूसरा ऑफर देने लगते थे. इस एजेंसी के कर्मचारी फिर ऐसे ग्राहकों पर डोरे डालते थे, जिसके बारे में उन्हें उम्मीद होती थी कि ये उनके शिकंजे में आ सकते हैं यानि फर्जी डिग्री या मार्कशीट खरीदने को तैयार हो सकते हैं.

यूं रंगे हाथों पकड़े गए
इस रैकेट के बारे में सूचना मिलने पर एक एनजीओ ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई. एनजीओ का एक सदस्य निरोज ग्रुप ऑफ एजुकेशन के पास पहुंचा. उसने उनसे माध्यमिक सर्टीफिकेट देने की बाबत बात की. सौदा 6000 रुपयों में तय हो गया. बतौर एडवांस 4000 रुपए दे दिए. दो दिन बाद ये संस्था उन्हें सर्टीफिकेट उपलब्ध कराने वाली थी.

कई विश्वविद्यालयों, बोर्ड के सर्टीफिकेट मिले
एनजीओ ने इसके बाद पुलिस को सूचना दी. अगले दिन जब उन्हें ये फर्जी सर्टीफिकेट लेने जाना था, वो अपने साथ पुलिस को भी ले गए. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. उनके पास के कई विश्वविद्यालयों और शिक्षा बोर्डों के अलग अलग कोर्सों के फर्जी सर्टीफिकेट मिले हैं. रैकेट सरगना को तीन अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गयाा है.

sabhar

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