जेपी सेंटर, जनेश्वर मिश्र पार्क और हुसैनाबाद हेरिटेज जोन बनाने में घोटलो का हुआ खुलासा- सीबीआई से जांच करने की तैयारी

वक्फ बोर्ड मामले और गोमती रिवर फ्रंट मामले के बाद योगी सरकार ने एक और मामले की जांच सीबीआई से करने की तैयारी कर ली है.
सूत्रों के अनुसार राजधानी लखनऊ के जेपी सेंटर, जनेश्वर मिश्र पार्क और हुसैनाबाद हेरिटेज जोन बनाने में घोटलो का खुलासा हुआ है, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच के लिए सीबीआई को मामला भेजने की तैयारी है.
मामले में कमिश्नर की तकनीकि जांच में घोटाले का खुलासा हुआ है. पता चला है कि टेंडर प्रक्रिया से लेकर सामान खरीदने में जमकर बंदरबांट हुई. सरकार बनने के बाद सीएम योगी ने अपने दो मंत्रियों से इस संबंध में जांच कराई थी.
पता चला कि कई देशों से उंचे दामों पर बेशकीमती सामान का आयात किया गया. जेपी सेंटर में लाखों के विदेशी लाईटें, पत्थर और टाइल्स लगे हैं.

सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस संबंध में सीएम के पास रिपोर्ट भेज दी जाएगी. इसके बाद मामल में सीबीआई जांच की सिफारिश हो सकती है.
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह सिफारिश की गई.
इतना ही नहीं न्यायिक जांच में दोषी मिले अफसरों के खिलाफ भी आपराधिक केस दर्ज कराने का फैसला लिया गया है.
गौरतलब है कि गोमती रिवर फ्रंट के लिए सपा सरकार ने 1513 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे. जिसमें से 1437 करोड़ यानी की 95 फीसदी फण्ड पहले ही जारी कर दिए गए थे. इसके बावजूद 60 फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ. 19 मार्च को शपथ लेते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट का निरीक्षण किया था. उन्होंने प्रोजेक्ट की स्थिति देखकर सख्त नाराजगी व्यक्त की थी और मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए थे

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