होम लोन लेना है तो चाहिये महत्वपूर्ण दस्तावेज

नयी दिल्ली।  घर के लिए बैंक से होम लोन पास करवाने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज जुटाने आवश्यक होते हैं। यदि कोई जरूरी दस्तावेज आपके आवेदन के साथ नहीं लगा होगा तो आपका आवेदन रद्द भी हो सकता है। ड्राइविंग लाइसैंस, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आई.डी., पासपोर्ट, राशन कार्ड, आवेदक की फोटो को सत्यापित करते हुए किसी अधिकृत सरकारी अधिकारी या पत्र, आवेदक के एम्प्लॉयर या अन्य बैंक से की ओर से दिया गया स्वीकृति पत्र। ड्राइविंग लाइसैंस, आधार कार्ड, वोटर आई.डी., पासपोर्ट, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, यूटिलिटी बिल्स (टैलीफोन, बिजली, पानी, गैस आदि का। जो दो महीने से अधिक पुराना न हो)। बर्थ सर्टीफिकेट, या स्कूल/कॉलेज का प्रमाणपत्र जिस पर उम्र अंकित हो (खासकर दसवीं कक्षा का प्रमाणपत्र)। स्वरोजगार या व्यवसायी होने पर: अपने कार्य या व्यवसाय का संक्षिप्त विवरण, बैलेंस शीट, अकाऊंट स्टेटमैंट, चार्टर्ड अकाऊंटैंट से सत्यापित पिछले तीन वर्षों के दौरान अदा किए गए आयकर के प्रमाण, फोटो, एडवांस्ड टैक्स की रसीद यदि हो तो, काम से संबंधित पंजीकरण दस्तावेज, प्रोफैशन टैक्स का दस्तावेज, बैंक लोन की रसीदें, निवेश के प्रमाण (फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर या अन्य अचल सम्पत्तियों के प्रमाण)। नौकरी पेशा होने पर: आय का प्रमाण (हालिया पे स्लिप या फॉर्म 16), नियुक्ति पत्र, सैलरी अकाऊंट बैंक का स्टेटमैंट, एम्प्लॉयर की ओर से पत्र, आय कर रिटर्न के दस्तावेज, निवेश के प्रमाण, फोटो तथा किसी तरह के लोन या अचल सम्पत्ति का विवरण। 1. खरीदार तथा बिल्डर के बीच हुए करार के दस्तावेज की असली प्रति। 2. भूमि के मालिक तथा बिल्डर के मध्य हुए डिवैल्पमैंट करार की प्रति। 3. सम्पत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज। 4. अरबन लैंड सीलिंग एक्ट के तहत जारी आदेश की प्रति। 5. निर्माणाधीन परियोजना के संबंध में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन कार्ड, 6. खरीदार तथा बिल्डर के मध्य हुए करार का इंडैक्स 2 जो सब-रजिस्ट्रार की ओर से जारी होता है। जिसमें खरीदार तथा विक्रेता के नाम दिए गए होते हैं। 7. कलैक्टर की ओर से भूमि के प्रयोग संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र
बैंकमें नहीं दिया मोबाइल नंबर, तो सर्विसेज से धोने पड़ेंगे हाथ

नयी दिल्ली। अगर आपने बैंक को अपना मोबाइल नंबर नहीं दिया या फिर उसे एस.एम.एस. अलर्ट से लिंक नहीं किया तो बैंक कई सर्विसेज आपके लिए बंद कर सकते हैं। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन की सभी सेवाएं भी बंद हो सकती है। ऐसा बैंक ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ते मामलों को देखते हुए कर सकते हैं। बैंकों के अनुसार अभी भी कई कस्टमर अपने बैंकों को मोबाइल नंबर अपडेट या फिर उसे एस.एम.एस. अलर्ट से लिंक नहीं करा रहे हैं जिसकी वजह से उनके लिए किसी तरह की तुरंत जानकारी अपने कस्टमर को पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए ऐसे कस्टमर के लिए वह एटीएम ट्रांजैक्शन सुविधा को छोडक़र दूसरी सर्विसेज बंद करने का रास्ता अपना सकते हैं। आर.बी.आई. ने बैंकों को कहा है कि वह ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में होने वाले फ्रॉड पर तुरंत कार्रवाई करें।

 इसके तहत अगर कस्टमर फ्रॉड होने के तीन दिन के अंदर बैंक को शिकायत कर देता है, तो अऩ ऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन की पूरी रकम कस्टमर को वापस मिल जाएंगी। आरबीआई के इस नियम के बाद बैंकों ने नए कदम की तैयारी की है।
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क्यों अहम है मोबाइल नंबर 
एक बैंकर के अनुसार आर.बी.आई. के इस नए निर्देश के बाद मोबाइल नंबर की भूमिका काफी अहम हो जाएगी। ऐसा इसलिए है कि बैंकों को किसी भी तरह के अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन की अकॉनलेजमेंट मोबाइल नंबर से ही प्रमुख तौर पर करनी होगी जिसमें शिकायत प्राप्त करने की टाइमिंग और तिथि भी बताई जाएगी। ऐसे में बैंक और कस्टमर की फ्रॉड के समय लॉयबिलिटी तय होना आसान होगा।

अगर कस्टमर अपना मोबाइल नंबर नहीं शेयर करेंगे तो बैंक के लिए उनको किसी भी तरह के ट्रांजैक्शन का तुरंत अलर्ट देना संभव नहीं होगा। मोबाइल के अलावा ई-मेल ही दूसरा जरिया होगा, जिसके जरिए बैंक अलर्ट भेज सकते हैं। उसमें भी ज्यादातर बैंक कस्टमर के लिए तुरंत सूचना प्राप्त करने का जरिया मोबाइल नंबर ही हो सकते हैं।

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