पूर्वाचंल विश्वविद्यालय के छात्रो ने छेड़खानी के विरोध में किया प्रर्दशन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय में कुछ शरारती तत्वो द्वारा क्लास रूम के अंदर घुसकर एक छात्रा के साथ छेड़खानी करने के विरोध में आज छात्र-छात्राएं आक्रोशित हो गये। सभी ट्रेड के स्टूडेन्ट एकत्रीत होकर पूरे विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय पर धरना प्रर्दश किया। इस दरम्यान आन्दोलनकारी छात्रो ने पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। हलांकि पीड़ित छात्रा लोकलाज के डर से थाने में मुकदमा दर्ज कराने से इंकार कर दिया है। इसके बाद भी छात्र-छात्राएं ऐसी घटना की पुनराबृत्ति न हो इस लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरा और महिला सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग किया।
वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को तीन बदमाशो ने एमबीए की छात्रा के साथ छेड़खानी किया था। छात्रा रोते विलखते अपने सहपाठी छात्रो को बतायी तो छात्रों ने इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया। छात्रा ने आपबीती अधिकारियों को बताने के साथ ही पुलिस से शिकायत करने से इंकार कर दिया। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन भी चुप्पी साध लिया। आज विश्वविद्यालय खुलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही न करने से नाजारा सभी छात्र-छात्राएं एकत्रीत होकर पूरे विश्वविद्यालय परिसर में जुलूस निकालकर धरना प्रर्दशन किया। छात्रो ने जहां इस घटना को दबाने का आरोप विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगायी वही पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने और महिला सुरक्षा कर्मी तैनात किये जाने की मांग किया। छात्राओ का आरोप है कि हम लोगो के वाशरूम का लाक भी काफी दिनो से खराब है।
उधर छात्रो के आक्रोश और मौके की नजाकत को देखते हुए कुलपति राजाराम यादव धरन स्थल पहुंचकर छात्र -छात्राओं से डेढ़ घंटे तक बात की। द्विपक्षीय  संवाद में कुलपति ने छात्राओं को परिसर में पूर्ण सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही विश्वविद्यालय परिसर में सभी स्थानों पर  सीसीटीवी  कैमरे लगवाए जाएंगे।  उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी तत्वों द्वारा  विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की कोशिश की गई जो  काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है।  विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल बोर्ड ,सुरक्षाकर्मी, शिक्षक  एवं अधिकारी इसे लेकर चौकस  हैं। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए ठोस पहल की जाएगी।

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