गैंगरेप, पॉक्सो मामले में हटाए गए सरकारी वकील

अखिलेश सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति व अन्य के खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो मामले में सरकारी वकील श्रीपाल सिंह यादव हटा दिए गए हैं. उन पर पीड़िता ने पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया है.

पीड़िता की शिकायत के बाद विशेष अधिवक्ता श्रीपाल सिंह यादव को मुकदमे की पैरवी करने से रोक दिया गया है. मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता मुन्ना सिंह ने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता एमके सिंह को मुकदमे की पैरवी किए जाने का आदेश दिया है.

लखनऊ के गौतम पल्ली थाने पर दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले की पैरवी करने के लिए सरकार द्वारा विशेष लोक अभियोजक के रूप में श्रीपाल सिंह की नियुक्ति की थी. इसके पहले अपर जिला शासकीय अधिवक्ता एमके सिंह द्वारा मुकदमे की पैरवी की जा रही थी.

प्रमुख सचिव न्याय एवं जिलाधिकारी लखनऊ को भेजे गए शिकायती पत्र में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके दिनांक रहित प्रार्थना पत्र को छल कपट से अभियुक्तों को लाभ पहुंचाने के लिए श्रीपाल सिंह यादव ने विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्ति करा ली है. उसने अपने मुकदमे की पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता कर रखा है और मुकदमे की पैरवी शासकीय अधिवक्ता कर रहे हैं. उसे कोई परेशानी नहीं है.


पीड़िता ने कहा है कि उसे पता चला है कि श्रीपाल सिंह यादव के प्रमुख अभियुक्तों से पुराने संबंध हैं. वह आज भी उनके संपर्क में रहते हैं. श्रीपाल समाजवादी सरकार में लोक अभियोजक के रूप में हमीरपुर में रह चुके हैं.

लिहाजा तत्काल नियुक्ति निरस्त की जाए. शिकायत यह भी है कि विवेचना के दौरान पैरवी करने के लिए श्रीपाल सिंह यादव ने सादे कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए, जिनका दुरुपयोग करते हुए मुकदमे में विशेष लोक अभियोजक के रूप में अपनी नियुक्ति करा ली है.

Leave a Reply