फर्जी मार्कशीट बनाने के आरोप में तीन युवकों को किया गिरफ्तार, सेना में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जालसाजी कर भर्ती होने के मामले में हुआ खुलासा

यूपी एटीएस ने वाराणसी के तीन युवकों को फर्जी मार्कशीट बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है.यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि इन्ही फर्जी दस्तावेजों से इनका सरगना नेपाली युवकों को सेना में भर्ती कराता था.

यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि दोनों अभियुक्तों की 5 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ में एटीएस टीम ने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार करने वाले 3 जालसाजों को दबोचा है.

वहीं पूछताछ में तीनों आरोपी अजय कुमार सिंह, नागेश्वर मौर्य और अवध प्रकाश वाराणसी के रहने वाले हैं. आरोपी अजय एटीएस द्वारा पूर्व में गिरफ्तार चन्द्र बहादुर खत्री के लिए काम करता है. अजय ही खत्री को फर्जी मार्कशीट व सर्टीफिकेट उपलब्ध कराता था.

फर्जी दस्तावेज बनाने का काम वाराणसी की कचहरी में नागेश्वर के साइबर कैफे में होता था. जिसमें अवध उसका साथ देता था. इसके बदले में उसे 1500 रूपये मिलते थे, वहीं 400 रूपये अवध को हिस्सा मिलता था.


बता दें कि भारतीय सेना में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जालसाजी कर भर्ती होने के मामले का खुलासा एटीएस ने किया था. मामले में पहले गोरखा राइफल्स के एक सैनिक दिलीप गिरी को पकड़ा गया तो पता चला कि वह नेपाली नागरिक है और उसका असली नाम विष्णुलाल भट्टाराई है. उससे पूछताछ में फर्जीवाड़ा करने के मामले में एक दलाल चंद्र बहादुर खत्री को एटीएस ने वाराणसी से गिरफ्तार किया था.

 

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