2011 की पैरामिलिट्री फोर्स की कांस्टेबल भर्ती पर लगी रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केन्द्रीय कर्मचारी चयन आयोग की पैरामिलिट्री फोर्स में कांस्टेबल जीडी 2011 की भर्ती प्रक्रिया पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है.

कोर्ट ने केन्द्रीय कर्मचारी चयन आयोग से पूछा है कि कांस्टेबल जीडी किस आधार पर लगातार रिवाइज्ड सेलेक्ट लिस्ट निकालकर रिक्त पदों पर भर्ती की जा रही है.

कोर्ट ने पैरा मिलिट्री फोर्सेज में 2011 की भर्ती में धांधली होने की भी बात कही है. हाईकोर्ट के इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है. पैरा मिलिट्री फोर्सेज में कांस्टेबल जीडी के पदों पर भर्ती में अनियमितता को लेकर अमित सिंह चौहान सहित 100 से ज्यादा दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये आदेश दिया है.

जस्टिस आरएसआर मौर्या की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मामले में दाखिल सभी 435 विचाराधीन याचिकाओं को सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस को नॉमिनेशन के लिए भेज दिया है. सभी याचिकाओं के नॉमिनेशन के बाद चीफ जस्टिस डीबी भोसले द्वारा नामित पीठ मामले की सुनवाई करेगी.


गौरतलब है कि कर्मचारी चयन आयोग ने वर्ष 2011 में पैरामिलिट्री फोर्सेज सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी में 72335 कांस्टेबल जनरल ड्यूटी के पदों पर विभिन्न राज्यों के युवाओं की भर्ती के लिए विज्ञापान निकाला. जिसके बाद सेलेक्शन होने के बाद 44 हजार पदों पर चयन लिस्ट जारी की गई. इसमें 28 हजार 44 पदों को यह कहते हुए खाली छोड़ दिया गया कि उचित अभ्यर्थी नहीं मिले.

लेकिन इसके बाद एसएससी ने कई रिवाइज्ड सेलेक्ट लिस्ट जारी की और कई कम अंको वाले अभ्यर्थियों को कोड बदलकर भर्ती कर लिया. एसएससी ने रिजल्ट घोषित होने के बाद से अब तक हजारों लोगों को पिक एण्ड चूज के आधार पर भर्ती कर लिया.

इस मामले में याचिकाकर्ता अमित सिंह चौहान सहित कई अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल की. जिसे हाईकोर्ट की एकलपीठ ने देरी से याचिका दाखिल होने के चलते खारिज कर दिया. इसके बाद स्पेशल अपीलेट बेंच में मामला गया और बेंच ने भर्ती में अनियमितता के आरोपों को सही मानते हुए अपील मंजूर कर ली. स्पेशल अपीलेट बेंच ने मामले में दाखिल सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के लिए सिंगल बेंच भेज दिया था. जिस पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच ने ये आदेश पारित किया है.

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