9,000 करोड़ रुपये का कर्ज डिफाल्टर माल्या को आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा.

बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज डिफाल्ट होने के बाद देश छोड़कर फरार विजय माल्या के प्रत्यर्पण केस में वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट कोर्ट में 4 दिसंबर से सुनवाई होगी. इससे पहले कोर्ट को बताया जाएगा कि प्रत्यर्पण के बाद माल्या को आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, क्राउन अभियोजन सर्विस (सीपीएस) के तहत भारत इससे ब्रिटिश कोर्ट को अवगत कराएगा. गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इसमें भारत सरकार की ओर से माल्या के प्रत्यर्पण पर जिरह होगा. इसमें कहा जाएगा कि प्रत्यर्पण के बाद माल्या को आर्थर रोड जेल में रख जाएगा, जहां संजय दत्त बंद थे. साथ ही कोर्ट को बताया जाएगा कि यह सरकार की जिम्मादारी है कि वह माल्या की हिफाजत करे.

बता दें कि यह प्रयास तब हो रहा है, जब माल्या के वकील ने कहा था कि यदि माल्या को भारत प्रत्यर्पित किया जाता है तो उसकी जान को खतरा है. वहां की जेलों में कथित तौर पर मानवाधिकार का उल्लंघन होता रहा है. इसके बाद वेस्टमिन्सटर कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में माल्या के प्रत्यर्पण की भारत अपील को ठुकरा दिया था. उनका कहना था कि दिल्ली के तिहाड़ जेल में मानवाधिकार का उल्लंघन होता रहा है.

 ऐसे में कोर्ट को बताया जाएगा कि भारत में दुनिया के दूसरे देशों के जेलों की ही तरह अच्छे हैं. भारत के जेलों में कैदियों के अधिकारों का हनन नहीं होता है.
 माल्या ने दो मार्च 2016 को भारत छोड़ दिया था और तब से वह ब्रिटेन में रह रहे हैं. भारत में माल्या की बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस पर विभिन्न बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बकाया है. इसको लेकर माल्या के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला चल रहा है.

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