प्रोफेसर खालिद बिन यूसुफ ने दिया व्हाट्सएप से तीसरा तलाक

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर खालिद बिन यूसुफ ने आखिरकार अपनी पत्नी यास्मीन को तीसरा तलाक भी दे ही दिया. एक-एक महीने के अंतराल में प्रोफेसर ने यह तीसरा तलाक दिया है. तीसरे तलाक के साथ ही खालिद दंपती का 22 साल का रिश्ता भी टूट गया.

तलाक पहले मौखिक, बाद में व्हाट्सएप, मोबाइल और रजिस्टर्ड डाक से दिया गया था, जो काफी चर्चा में रहा था. बताया जा रहा है कि रिश्तों में इतनी खटास आ गई थी कि यास्मीन से अलग होना ही बेहतर समझा. 30 सितंबर 2017 को यास्मीन को पहला तलाक दिया. इसके बाद 30 अक्तूबर 2017 को दूसरा और तीसरा तलाक 28 दिसंबर 2017 को दिया है.

युसुफ के अनुसार तीन दफा यास्मीन को उनके घर पर जाकर तलाक दिया है. एक-एक महीने के दरम्यान तलाक को तलाक-ए-हसन कहते हैं, जिसे शरीयत और अदालत भी मानती है. यास्मीन मूल रूप से कश्मीर की निवासी है और खालिद यूपी में ही मऊ के रहने वाले हैं. फिलहाल दंपती यहां सरसैयद नगर में अलग-अलग रहते हैं.

चर्चा ये भी है कि यास्मीन के जीविकोपार्जन के लिए आवश्यक इंतजाम करेंगे. वहीं बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी भी वहन करेंगे. बहरहाल मीडिया के सामने अभी अपना पक्ष रखने के लिए वह नहीं आ रहे हैं.


बता दें कि​ प्रोफेसर खालिद बिन यूसुफ खान द्वारा अपनी पत्‍नी को व्हाट्सऐप के जरिये तीन तलाक देने का मामला सामने आया था. पीड़ित महिला ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई. वहीं पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत एएमयू के वाइस चांसलर से भी की थी.

यूनिवर्सिटी में संस्‍कृत विभाग के चेयरमैन खालिद बिन यूसुफ खान की पत्‍नी यास्‍मीन खालिद ने आरोप लगाया कि उसके पति ने उसे व्हाट्सऐप पर तीन तलाक दिया है. पीड़िता ने इस मामले की शिकायत एएमयू प्रशासन से भी की थी. लेकिन एएमयू प्रशासन से कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने पर महिला ने अब सिविल लाइंस पुलिस से इसकी शिकायत की.

हालांकि, प्रोफेसर खालिद ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने न सिर्फ उनको व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिये तलाक दिया है बल्कि शरिया के मुताबिक, दो लोगों की मौजूदगी में निर्धारित तय अवधि में मौखिक रूप से भी तलाक दिया है.

इस मामले में खुद को पीड़ित बताते हुए प्रोफेसर खालिद ने कहा, “मैं नहीं बल्कि मेरी पत्‍नी पिछले दो दशकों से मेरा उत्‍पीड़न कर रही है. उसने शादी से पहले की अपनी कई बातें मुझसे छुपाईं. वो दावा करती रही कि वह ग्रेजुएट है, लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह ग्रेजुएट भी नहीं है.”

इस पर यास्‍मीन का कहना है कि वह सिर्फ ग्रेजुएट ही नहीं, बल्कि एएमयू से एमए और बीएड भी हैं. बता दें कि खालिद संस्कृत विभाग में डीन व चैयरमैन पद पर हैं. 23 साल पहले खालिद बिन युसुफ ने यास्‍मीन से शादी की थी. शादी के बाद तीन बच्चे भी है. यास्‍मीन का आरोप है कि खालिद शादी के बाद से ही मारपीट किया करते थे. 18 सितम्बर को खालिद बिन ने तलाक का मैसेज व्हाट्सऐप पर भेजा, इसके बाद 30 अक्टूबर को तीन तलाक देने की बात कही

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