भारत की इस साल तेज होगी ग्रोथ, निकलेंगे रोजगार के अवसर

नई दिल्ली. नोटबंदी से जन्मी आर्थिक सुस्ती के बावजूद भारत को कंपनियों की तरक्की और कारोबारी विस्तार के मामले में दुनिया के टॉप 6 देशों में शुमार किया गया है। टॉप ग्लोबल कंपनियों के एग्जीक्यूटिव्स ने उम्मीद जताई है कि आने वाले १२ महीनों के दौरान भारत में बिजनेस के विस्तार की तमाम संभावनाएं हैं। सरकार द्वारा आर्थिक मोर्चे पर लिए जा रहे निर्णयों से आने वाले महीनों में विकास को रफ्तार मिलेगी। वल्र्ड इकोनॉमिक फॉरम में जारी कंसल्टेंसी कंपनी पीडब्ल्यूसी के वार्षिक ग्लोबल सीईओ सर्वे के अनुसार, अधिकांश सीईओ का मानना है कि भले ही कम अवधि में भारत की ग्रोथ थोड़ी प्रभावित हो, लेकिन लंबी अवधि में ग्रोथ रफ्तार और बढ़ेगी। हालांकि कंपनियों के विस्तार के लिहाज से अमरीका, चीन, जर्मनी, ब्रिटेन और जापान भारत से आगे हैं। पिछले साल इस सर्वे में भारत को वैश्विक स्तर पर ५ सबसे संभावना-सम्पन्न देशों में शुमार किया गया था। नोटबंदी और आर्थिक सुधार की गति धीमी पडऩे से इस साल भारत की रैंकिंग एक स्थान नीचे आ गई है।

निकलेंगे रोजगार के अवसर

भारत के ७१ फीसदी सीईओ अपनी कंपनियों की ग्रोथ के बारे खूब उत्साहित हैं। ६७ फीसदी भारतीय सीईओ ने कहा है कि वे आने वाले १२ महीनों में नए लोगों की भर्ती करने जा रहे हैं। महज ९ फीसदी भारतीय सीईओ ने कहा कि वे आने वाले महीनों में छंटनी करेंगे। वहीं वैश्विक कंपनियों के सीईओ में से ५२ फीसदी ने कहा कि वे आगामी महीनों में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाएंगे। भारतीय सीईओ में से ५५ फीसदी ने अमरीका, २२ फीसदी ने ब्रिटेन और ३० फीसदी ने ग्रोथ के मामले में चीन की बेहतर तस्वीर पेश की।

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