आनलाइन लूट के आरोप में 85 गिरफ्तार

भाषा

जयपुर : राजस्थान पुलिस ने भरतपुर और अलवर जिलों में पिछले एक साल में आनलाइन वेबसाइट के जरिये लोगों को कम कीमत पर लुभाने के विज्ञापन देकर लूटने वाले करीब 85 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं, 50 जालसाजी और लूट के मामले दर्ज किये गये हैं।

भरतपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार टांक ने बताया मेवात क्षेत्र में कि लूट और धोखाधडी के मामले नये नहीं थे। इससे पहले, धोखाधडी करने वाले लोग आकर्षक दरों पर स्वर्ण ईंट की पेशकश करने के लिये फोन से संपर्क करते थे। अब आनलाइन पोर्टल के जरिये लोगों को आकर्षक सौदे से लुभाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भरतपुर में जनवरी 2017 से जनवरी 2018 तक आनलाइन जालसाजी के जरिये लूट के 46 मामलें दर्ज किये गये जिसमें लगभग 65 लोगों को गिरफ्तार कर जब्ती की गई है।

उन्होंने कहा कि मेवात क्षेत्र में आनलाइन सौदों को लिये लोगों को आकर्षक सौदों के लिये लुभाया जाता है। पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिये लोगों को जागरूक करना शुरू किया है ताकि लोग ऐसे लुभावने विज्ञापनों के झांसे में ना आ सके।

पुलिस ने बताया कि पिछले साल मई में चेन्नई के एक कबाड के डीलर का जयपुर के हवाई अड्डे से 90 लाख की फिरौती के लिये अपहरण कर उसे भरतपुर के पहाडी इलाके में ले जाया गया था। इस मामले में दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2016 के अगस्त माह में अपहरण किये गये पूणे के एक व्यवसायी को 29 लाख रूपये की फिरौती पर छोडा गया था। हालांकि बाद में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

टांक ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचना एक चुनौती समान है, क्योंकि मेवात इलाके में भरतपुर, अलवर और हरियाणा का कुछ भाग आता है।

अलवर जिले में भी पिछले वर्ष आनलाइन पोर्टल के जरिये लूट और जालसाजी के लगभग छह मामलों में लगभग 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

अलवर पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भरतपुर जिले का पडोसी जिला होने के कारण आनलाइन लूट से अलवर अछूता नहीं है। प्रत्येक वर्ष लुभावने विज्ञापनों के जरिये लोगों के साथ ठगी होती है। अलवर में पिछले वर्ष छह मामलों में 20 लोगों को गिरफ्तार किया।

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