शासनादेश निरस्तीकरण की मांग को लेकर महामंत्री की भूख हड़ताल शुरु

लखनऊ। स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के महामंत्री 19 मार्च से नगर निगम मुख्यालय पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान कई अन्य जनपदों के पदाधिकारी सहित संगठन के अध्यक्ष वेद प्रकाश कौशिक और संरक्षक सुभाष शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। महामत्री अशोक गोयल के भूख हड़ताल पर बैठने से पहले नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा एवं उनकी पूरी कार्यकारिणी ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत और आन्दोलन का समर्थन किया। मुख्य रूप से षासनादेष संख्या 104म.न.विकृ9.1.12.203स.10 को निरस्त न होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। संगठन बारह सूत्रीय मांगों को लेकर पूर्व में बालाकदर मार्ग प्रकाष विभाग से लालबाग नगर निगम मुख्यालय तक शान्ति पूर्ण रैली निकालकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौप चुका है। भूख हड़ताल से पूर्व आज महामंत्री अशोक गोयल ने  कहा कि जहाॅ एक ओर योगी सरकार चार पाॅच साल में कई लाख लोगों को रोजगार देने का दावा कर रही है वही दूसरी तरफ इसी सरकार ने निकाय के उन कर्मचारियों को लगभग अवैध तरीके से अनियमित मानते हुए बेरोजगार कर उनके परिवार को दोराहे पर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों का चयन बकायदा निकाय के जिम्मेदार और पात्र अधिकारियों द्वारा किया गया हो उन्हें दस से 15 साल की सेवा के बाद अवैध या अनियमित कैसे कहा जाएगा।
प्रान्तीय महामंत्री अशोक गोयल ने बताया कि जिन कार्मिकों को अवैध बताया जा रहा है उसके सम्बंध में जिम्मेदार तथा निदेशक के अधिकारी पूर्व में कई ऐसे आदेश दे चुके है जो इस बाॅत का प्रमाण है कर्मचारी पूरी तरह से विधि सम्मत तैनात किए गए थे। संगठन की  मुख्य मांगों में  23 जुलाई 12 कोे पूर्व मंत्री नगर विकास उत्तर प्रदेष सरकार द्वारा जारी शासनादेश की आड़ में वर्श 2001 से पूर्व  कार्यरत कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के निर्णय की वापसी कर उक्त कार्यकाल में सेवारत कर्मचारियेां की बहाली किया जाना तथा उक्त षासनादेश रद्द कर कर्मचारियों की सेवा बहाल करें। निकायों में लिपिकीय संवर्गए राजस्व संवर्गए लेखा संवर्ग में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाए। स्थानीय निकाय कर्मचारियों को कैषलेस की सुविधा प्रदान कराया जानाए राजस्व निरीक्षक टू को सहायक निरीक्षकध्राजस्व निरीक्षक पदनाम देते हुए 50 प्रतिशत पदोन्नति की व्यवस्था किया जाना । निकाय की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ किया जाना एवं राज्य वित्त आयोग में हो रही धनराशि की कटौती समाप्त  किया जानाए की गई कटौती की धनराशि अवमुक्त किया जाना एवं अन्य मांगों की पूर्ति कराये जाने की मांग रखी गई।
नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 106 के तह्त वैध है नियुक्तियाॅःगोयल
स्वायत्त षासन कर्मचारी संगठन के महामंत्री अशोक गोयल ने षासनादेष संख्या 104म.न.विकृ9.1.12.203स.10 का उल्लेख करते हुए कहा कि नियम और कानून के तह्त यह शाासनादेश निकाय के निकाले गए कर्मचारियों पर लागू ही नही होता। उन्हें प्रश्न किया कि क्या शासनादेश अधिनियम से ऊपर है।
-उधर दूसरे संगठन उ0प्र0 स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ—कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा, उ0प्र0 के सम्बद्व संगठनों के लाखों कर्मचारियों की मांगों पर प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही हीला-हवाली एवं अनदेखी पर घोषित आन्दोलन पर पूरे प्रदेश में तैयारियां जोरों पर
लखनऊ।
 20 मार्च 2018
    कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा, उ0प्र0 की प्रान्तीय कार्यसमिति की सेतु निगम कार्यालय पर हुई बैठक जिसमें संयुक्त मोर्चा द्वारा दिये गये आन्दोलन की तैयारी की समीक्षा की गयी।
    मोर्चा के सभी घटक संगठनों द्वारा प्रदेश सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष श्री वी0पी0 मिश्रा ने बताया कि मोर्चा द्वारा लम्बित मांगों के समाधान हेतु आन्दोलन की नोटिस दि0 20 फरवरी 2018 को प्रदेश सरकार और शासन को दी गयी थी जिस पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया और न ही मोर्चे के साथ कोई सम्वाद ही किया गया। जबकि मोर्चे के साथ पूर्व में मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक दि0 19 सितम्बर 2016 पर बनी सहमति पर जारी कार्यवृत्ति का अमल ही सम्बन्धित विभागों द्वारा किया गया। जिससे प्रदेश के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त होना स्वाभाविक है। यही कारण है कि आज प्रदेश के राज्य, निगम, निकाय, परिवहन विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग एवं विश्वविद्यालय आदि सहित अन्य विभागों के कर्मचारी आन्दोलन की राह पर हैं। यदि समय रहते सरकार द्वारा कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान नहीं किया गया तो मोर्चे द्वारा घोषित इस ध्यानाकर्षण आन्दोलन के बाद प्रदेश व्यापी बड़ा आन्दोलन किया जाना संयुक्त मोर्चा की बाध्यता होगी।
    मोर्चे के संयोजक सतीश पाण्डेय एवं मोर्चे के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि कुमार मिश्र एवं उ0प्र0 निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मनोज मिश्र तथा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्र आदि कर्मचारी प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार द्वारा विभागों में रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति न करने एवं खाली पड़े पदों पर पदोन्नति न करने तथा आउटसोर्सिंग का बढ़ावा देने की प्रक्रिया पर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों को दर्शाता है। वहीं छठे वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों एवं केन्द्र सरकार की भांति भत्ते एवं सातवें वेतन आयोग का एरियर भी नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण प्रदेश के कर्मचारियों को अपूर्णीय आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
    मोर्चे के सभी घटक संगठनों ने एक स्वर में प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित सम्बन्धित विभागों के मंत्रीगण व अधिकारीगण न ही कर्मचारी समस्याओं के समाधान हेतु बैठक कर रहे हैं और न ही अपने विभागों से सम्बन्धित समस्याओं का निराकरण। ऐसी स्थिति में संयुक्त मोर्चा द्वारा आन्दोलन किया जाना उसकी बाध्यता है जिसके क्रम में पूरे प्रदेश के संयुक्त मोर्चा के घटक संगठनों द्वारा जोर-शोर से प्रस्तावित आन्दोलन की तैयारी की जा रही है, जिसके क्रम में दि0 16 मार्च 2018 को प्रदेश की ईकाईयों द्वारा अपने-अपने जनपद के जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन पे्रषित कर दि0 23 मार्च 2018 को लखनऊ स्थित जी0पी0ओ0 पार्क, गांधी प्रतिमा पर एक विशाल धरना प्रदर्शन के माध्यम से पुनः मा0 मुख्यमंत्री जी को प्रदेश के कर्मचारियों की लम्बित मांगों के समाधान हेतु ज्ञापन पे्रषित किया जायेगा और अगले आन्दोलन की धरना स्थल से ही अगले आन्दोलन की घोषणा किये जाने का निर्णय लिया गया है। आज की समीक्षा बैठक के प्रदेश के 75 जनपदों में संयुक्त मोर्चा के घटक संगठनों द्वारा जोर-शोर से आन्दोलन की तैयारी की जा रही है। उक्त बैठक में मोर्चा के अध्यक्ष वी0पी0 मिश्रा एवं संयोजक सतीश पाण्डेय सहित मनोज मिश्रा, एच0एस0जैदी, घनश्याम यादव, शशि कुमार मिश्र, सुरेश रावत, के0के0सचान, सुनील यादव, ईसरत जांह, रामकुमार रावत, सै0 कैसर रजा, रामप्रताप सिंह, आनन्द मिश्रा, लखनऊ जनपद के मोर्चा अध्यक्ष श्री सुभाष श्रीवास्तव सहित अन्य घटक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित हुये।
    आन्दोलन की तैयारी हेतु उ0प्र0 स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में प्रदेश के निकायों के साथ-साथ लखनऊ नगर निगम के जोन-7 व जोन-4 में कल दि0 13 मार्च को तथा आज दि0 14 मार्च को जोन-6 व जोन-2 में अपील के माध्यम से गेट मीटिंग कर आन्दोलन को मजबूत  किया गया
    मोर्चे द्वारा चेतावनी दिवस के आन्दोलन हेतु निर्णय लिया है

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