ऑटो, थ्री-व्हीलर को स्कूली वाहन के तौर पर प्रयोग न करें-डीसी नीलिमा

  •  यदि कोई भी स्कूली बच्चा अपनी स्कूल यूनिफार्म में किसी भी ऑटो या थ्री-व्हीलर में बैठा पाया गया तो संबंधित स्कूल के विरुद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब /पठानकोट/ जस्ट एक्शन न्यूज़/ ब्यूरो आलोक कुमार/ जिला संवाददाता भूपिंदर सिंह:- स्कूली वाहनों के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्कूल में ऑटो, थ्री-व्हीलर को स्कूली वाहन के तौर पर प्रयोग न करें। यदि कोई भी स्कूली बच्चा अपनी स्कूल यूनिफार्म में किसी भी ऑटो या थ्री-व्हीलर में बैठा पाया गया तो संबंधित स्कूल के विरुद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बात डीसी नीलिमा ने प्रेस रिलीज जारी कर कही।

डीसी ने बताया कि स्कूली वाहन की स्पीड 40 किमी. प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। स्कूली वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स एवं आग बुझाने वाले यंत्र होने चाहिए। इसके अलावा हर स्कूली वाहन में सीसीटीवी, एमरजेंसी डोर व खिड़की होनी चाहिए। वाहन के पीछे चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 लिखा होना चाहिए। सीटों के नीचे बच्चों के बैग रखने की सुविधा होनी चाहिए तथा सबसे आगे वाली सीटों पर मुंह पिछली तरफ होना चाहिए पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही ड्राइवर व कंडक्टर भर्ती किए जाएं। हर स्कूली वाहन में एक महिला अटैंडेंट का होना जरूरी है। वाहनों के पीछे स्कूल के प्रिंसीपल एवं आरटीओ का नंबर लिखा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उपरोक्त स्कूली वाहन नियमों की जांच करने के लिए प्रदेश कमीशन कमेटी द्वारा जिले में टीम भी लगाई गई है, जो सप्ताह में दो दिन स्कूली वाहनों की चैकिंग करेगी। जिसमें जिला बॉल सुरक्षा अफसर, ट्रांसपोर्ट विभाग का प्रतिनिधि, पुलिस का प्रतिनिधि एवं जिला शिक्षा कार्यालय का प्रतिनिधि शामिल है।

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