उच्च शिक्षा आयोग व टीईटी परीक्षा तिथि एक होने से छात्रों की मुश्किलें बढ़ी ।

छात्रों ने सरकार पर मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न का लगाया आरोप

 जस्‍ट एक्‍शन/ उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा आयोग की बैठक संख्या 994 दिनांक 25 सितंबर 2018 में निर्णय लिया गया  कि विज्ञापन संख्या- 47 में विज्ञापित सहायक आचार्य  पदों की लिखित परीक्षा दिनांक 18 नवंबर 2018 को संपन्न कराई जाए ।
वही 4 नवंबर की प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा टाल कर 18 नवंबर को ही कर दी गई । BTC 2015 के प्रशिक्षुओ का दबाव और 4 नवंबर को ही राष्ट्रीय प्रतिभा परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने टीईटी के लिए सरकार से समय मांगा था ।जिसके कारण एक ही दिन परीक्षा तिथि घोषित हो गई ।जिससे शिक्षा आयोग व TET दोनों परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए लाखों के संख्या में आवेदन हुए हैं और परीक्षा तिथि एक होने के कारण दोनों  जगह आवेदन करने वाले छात्रों  की मुश्किले बढ़ गई हैं । अभ्यर्थियों को यह नहीं समझ में आ रहा है कि कौन सी परीक्षा दे और कौन सी परीक्षा छोड़े ।
ऐसी स्थिति में छात्रों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न कर रही बीजेपी सरकार  सिर्फ छात्रों को गुमराह करने के लिए षड़यंत्र रच रही है ।अगर परीक्षा तिथि अलग-अलग तिथियों में नहीं की गई तो छात्रों का कहना है कि सामने आ रहे 2019 के चुनाव में भाजपा सरकार को पूरी तरह से उखाड़  फेंकगे अगर जल्द से जल्द सरकार हमारी बात को नहीं  मानती  तो हम लोग न्यायालय जाने और आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे ।
               अब ऐसी स्थिति में सरकार का निर्णय क्या होगा ?

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