कांग्रेस सरकार किसानों को मौत के मुंह में धकेल रही हैः सुखबीर बादल


 
बठिंडा/जनवरीः शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस सरकार की2017 की विधानसभा चुनावों के दौरान  किए पूर्ण कर्जा माफी का वायदा पूरा न करने के कारण किसानों को मौत के मुुंह में धकेलने की सख्त निंदा की है।
 
यहां पार्टी वर्करों को मिलने के बाद एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सत्ता की भूख पंजाब के किसानों के लिए तबाह करने वाली साबित हुई है, जिन्होने इसकी ‘कर्जा कुर्की खत्म, फसल की पूरी रकम’ के नारे पर बड़ी उम्मीदें लगा रखी थी, जोकि बिल्कूल खोखला निकला। उन्होने कहा कि बढ़ रहे वितीय बोझ से ऋण ग्रस्त किसानों ने अब अपने परिवारों की भी जान लेनी शुरू कर दी है, क्योंकि वह अपनी आंखों से देख चुके हैं कि सरकार तो आत्महत्या करने वालों के पीड़ित परिवारों की भी कोई मदद नही कर रही है।
 
फिरोजपुर में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना, जहां एक ऋण ग्रस्त किसान ने वित्तीय परेशानी के कारण अपनी पत्नी तथा  दो बच्चों का कत्ल कर दिया के बारे में जानकारी देते हुए सरदार बादल ने कहा कि फिरोजपुर के पास अरमानपुरा गांव का परमजीत सिंह अपने बढ़ रहे कर्जे के कारण इतना ज्यादा परेशान था कि उसने इस वित्तीय परेशानी से छुटकारा पाने के लिए अपना परिवार ही खत्म कर दिया। उन्होने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा कर्जा माफी के नाम पर किया विश्वासघात पिछले दो सालों में 600से ज्यादा किसानों की जान ले चुका है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को गहरी नींद से जागना चाहिए तथा दुखी किसानों की तरफ मदद वाला हाथ बढ़ाना चाहिए।
 
राज्य में बढ़ रहे किसान आत्महत्याओं के केसों के लिए पूरी तरह कांग्रेस सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए सरदार बादल ने कहा कि कांग्रेस चुनाव घोषणा पत्र कमेटी के चेयरमैन मनप्रीत सिंह बादल तथा बाकी मैंबरों के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए, जिन्होने वोट लेने के लिए झूठे वायदों का तैयार दस्तावेज किसानों को आत्महत्याओं के रास्ते की तरफ धकेल रहा है। उन्होने कहा कि कुछ दिन पहले बरनाला के एक किसान ने आत्महत्या पत्र में अपनी मौत के लिए राज्य सरकार को कसूरवार ठहराया था। अब फिरोजपुर के किसान ने कोई सरकारी मदद न मिलने के कारण आर्थिक तंगी से परेशान होकर अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। उन्होने कहा कि इन मौतों के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की जवाबदेही होनी चाहिए क्योंकि यह उसकी सरकार द्वारा पूर्ण कर्जा माफी का वायदा न निभाने के कारण हुई हैं।
 
सरदार बादल ने मांग की कि उन 550 से ज्यादा परिवारों को प्रति परिवार एक सरकारी नौकरी तथा 10लाख का मुआवजा दिया जाए, जिनके सगे संबधी कांग्रेस पार्टी द्वारा उनके कर्जे माफ करने से किए इंकार के बाद आत्महत्या कर चुके हैं।

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