जानिए, कैसे 17 साल के पृथ्वी ने की सचिन की बराबरी

राजकोट। पृथ्‍वी शॉ को इस समय मुंबई के क्रिकेट जगत में मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर ही ही तरह प्रतिभावान माना जा रहा है और जब तमिलनाडु के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले के लिए उन्‍हें मुंबई की टीम में स्‍थान दिया गया था तो हर कोई उम्‍मीद लगाए था कि वे सचिन की ही तरह रणजी ट्रॉफी में अपने करियर का धमाकेदार आगाज करेंगे।

पृथ्‍वी इन उम्‍मीदों पर खरे उतरे और अपने पहले ही मैच में सैकड़ा जड़ने में कामयाब रहे। पृथ्‍वी के अपने पदार्पण मैच में ही बनाए गए शतक से मुंबई ने आज यहां तमिलनाडु को छह विकेट से हराकर 46वीं बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई जहां उसका सामना गुजरात से होगा। फाइनल 10 से 14 जनवरी के बीच इंदौर में खेला जाएगा।

गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर ने भी अपने पहले रणजी मैच में शतक बनाकर धमाका किया था। 10 दिसंबर, 1988 को मुंबई की ओर से सचिन ने अपना पहला रणजी मैच खेला था। गुजरात के खिलाफ इस मैच में उन्होंने 129 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन बनाए थे, जिसमें 14 चौके शामिल थे। बाद में उन्‍होंने ईरानी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी के अपने पहले मैच में भी शतक जड़ा था। तीन साल पहले स्कूली मैच में 546 रन की पारी खेलकर चर्चा में आने वाले पृथ्वी ने 120 रन की जबर्दस्त पारी खेली जिससे 41 बार के चैंपियन मुंबई ने खेल के पांचवें और अंतिम दिन आज यहां 251 रन का लक्ष्य चार विकेट खोकर हासिल कर दिया।

Related Post

Leave a Reply