हरियाणा रत्न” व “भारत गौरव अवार्ड” से सम्मानित डॉ. अमन बाठला

  • “हम क्या हैं और क्या कर रहे हैं इसकी चिंता क्यों करना… बस अपने जूनून को आत्मसात करें | जीवन की मधुर यात्रा के दौरान मेरे अपने सपने के प्रति विश्वास ने मुझे हमेशा शक्ति दी | पियानो के लिए मेरा प्यार मुझे मजबूती देता हैं | पियानो बजाने के दौरान रोजाना ही मैं कुछ न कुछ नया सीखता हूँ | पियानो के साथ मैं हर पल आनंदित महसूस करता हूँ |”- डॉ.अमन बाठला

    “हरियाणा रत्न” व “भारत गौरव अवार्ड” से सम्मानित डॉ. अमन बाठला को
    म्यूजिक कम्पोज़र एंड म्यूजिक हीलर के रूप में अपनी कला के माध्यम से लोगों को तनावमुक्त करने के लिए राजीव गांधी एक्सिलेंस अवार्ड से नवाज़ा गया.
    ‘वर्ल्डस फास्टेस्ट पियानिस्ट’‘द पियानो किंग’- अमन बाठला
    ‘द पियानो किंग’ की उपाधि से सम्म्मानित डॉ. अमन बाठला ने 8 अप्रैल 2016 को एक बार फिर पियानो की दुनिया में अपना नाम सर्वोच्च शिखर पर स्थापित कर दिखाया है | उन्होंने दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं जिसके लिए उन्हें ‘फास्टेस्ट पियानो आर्टिस्ट ऑफ़ द वर्ल्ड’ के खिताब से नवाज़ा गया है |

    अमन बाठला ने एक सेकन्ड में पियानो पर सर्वाधिक 33 नोट्स तथा एक मिनट में पियानो पर सर्वाधिक 1208 नोट्स बजाकर दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास के पन्नों पर अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज़ करा लिया है|

    डॉ. अमन बाठला पिछले अनेक वर्षों से पियानो पर हृदय की तरंगों को आनंदित करने वाली संगीत रचना तथा पियानो पर विद्युत् गति से चलने वाली उंगलियों से सभी आयु वर्ग के दर्शकों को मंत्रमुग्ध करते आ रहें हैं | पियानो के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके डॉ. अमन बाठला ने गुडगाँव में 4 दिसम्बर 2014 को एपीसेंटर में एक मिनट में तेज़ी के साथ पियानो पर 804 नोट्स बजा कर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया जिसके गवाह ऑडिटोरियम में भारी संख्या में पधारे मंत्रमुग्ध व अवाक दर्शक रहे। उनकी इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स ने सम्मानित किया। यहाँ पर गौर करने वाली बात यह है कि डॉ. अमन ने इस मौके पर पियानो वादन में एक मिनट में 765 पियानो नोट्स बजाने के विश्वरिकॉर्ड को तोड़ा था, जो न केवल देशवासियों के लिए गर्व की बात है बल्कि इससे पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन हुआ है।
    भारत के सर्वाधिक प्रसारित समाचार पत्र नवभारत टाइम्स के एक सर्वे के अनुसार डॉ। अमन को पर्सन ऑफ़ द इयर–2015 चुना गया, इसी के साथ मीडिया प्रतिनिधि तथा गुडगाँव शहर के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें ‘द पियानो किंग’ की उपाधि से भी अलंकृत किया है ।
    वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी (यूनाइटेड किंगडम) ने डॉ. बाठला को पियानो पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है. वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी एक विषय में एक ही व्यक्ति को डॉक्ट्रेट की उपाधि देती है. इस प्रकार डॉ. अमन बाठला हिन्दुस्तान के एकमात्र पियानिस्ट हैं जिन्हें यह सौभाग्य प्राप्त है. वर्ल्ड रिकार्ड यूनिवर्सिटी, लन्दन एक विषय में एक व्यक्ति को ही डॉक्टरेट की उपाधि से विभूषित करती है, इस प्रकार वर्ल्ड रिकार्ड यूनिवर्सिटी, लन्दन से पियानो पर डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने वाले अमन बाठला हिन्दुस्तान के एकमात्र व्यक्ति हैं.
    डॉ. अमन बाठला के मुकुट में गुडगाँव मीडिया द्वारा ‘प्राइड ऑफ़ नेशन’, जीनियस फाउंडेशन अहमदाबाद द्वारा ‘एंटरट्रेनर ऑफ़ द इयर’, यू.आर.एफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अकादमी द्वारा ‘आइकॉन ऑफ़ द इयर’ जैसे अनेक हीरे अपनी शोभा बढ़ा रहें हैं। आज के समय में डॉ. अमन बाठला भारत के सर्वश्रेष्ठ कॉन्सर्ट प्लेयर हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत पर आधारित उनकी अपनी रचनाओं के अतिरिक्त हिंदी फिल्म संगीत को अपने अंदाज़ में परिभाषित करने की कला में अमन बाठला को महारत हासिल है ।
    पियानो पर अचंभित कर देने वाली रचनाओं के माध्यम से डॉ॰ अमन बाठला को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय 51 रिकॉर्ड संस्थाओं ने विभिन्न खिताबों से सम्मानित किया.
    जार्ज बनार्ड शॉ के अनुसार ‘इस विश्व में वही व्यक्ति अपने कार्य में सफल होते हैं, जो अपनी परिस्थितियों को अनुकूल बना लेते हैं और यदि वे बना नहीं सकते तो अपने अनुकूल परिस्थितियों को पैदा कर लेते हैं।अमन बाठला ऐसे ही बहुप्रतिभा के धनी व संगीत मर्मज्ञ हैं।आपका जन्म गुड़गांव, हरियाणा में एक बिजनेस परिवार में 19 फरवरी 1980 में हुआ। इन्होंने अपनी शिक्षा गुड़गांव और देहरादून के प्रतिष्ठित स्कूलों से प्राप्त की। आपकी जिन्दगी में एक पल वह आया जब आपने अपने 63 वर्ष पुराने स्थापित पारिवारिक व्यवसाय को छोड़कर अपने सपने को साकार करने का फैसला किया। आपके इस फैसले पर घर वाले नाराज हुए लेकिन अमन जी का फैसला अटल था। कहा गया है कि जिसकाफैसला अटल है वह दुनिया को अपने साँचे में ढाल सकता है।आरंभ में डॉ. अमन को अपने ही परिवार का साथ नहीं मिला। संघर्षों के इस दौर में म्यूजिक इंडस्ट्री ने अमन को अपने लक्ष्य से भटकाने का प्रयास किया किन्तु संकल्प ले चुके अमन जी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। संगीत के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुके अमन जी ने हार नहीं मानी। पियानो और विभिन्न संगीत वाद्य यंत्रों के साथ डॉ. अमन ने ऐसा ताल मेल बैठाया कि उनके संगीत से श्रोताओं को सुकून और शान्ति मिलने लगी। जिन्दगी की भाग दौड़ से तनावग्रस्त लोगों को अमन जी के द्वारा ईज़ाद किया गया म्यूजिक मानसिक रूप से खुशी देता है। बचपन से ही बांसुरी, ड्रम,गिटार, माउथोर्गन जैसे कई वाद्य यंत्रों के वादन में अमन जी को आनंद आता था तथा वह धीरे-धीरे इसमें निपुण होते चले गए। उनके स्कूल के सहपाठी उन्हें म्यूजिकल बॉय कहकर पुकारते थे। आज डॉ. अमनफास्टेस्ट पियानिस्ट ऑफ़ द वर्ल्ड के रूप में उभरकर दुनिया के सामने आए हैं। संगीत के प्रति उनकी लगन और कुछ नया कर गुजरने के जुनून ने अमन जी को जीवन के एक एहम मुकाम पर पहुंचा दिया।डॉ अमन का कहना है कि“हम क्या हैं और क्या कर रहे हैं इसकी चिंता क्यों करना… बस अपने जूनून को आत्मसात करें। जीवन की मधुर यात्रा के दौरान मेरे अपने सपने के प्रति विश्वास ने मुझे हमेशा शक्ति दी। पियानो के लिए मेरा प्यार मुझे मजबूती देता है। पियानो बजाने के दौरान रोजाना ही मैं कुछ न कुछ नया सीखता हूँ। पियानो के साथ मैं हर पल आनंदित रहता हूँ।”​​
    उनके ज़हन में विवेकानंद की यह बात है कि उठो,जागो और तब तक न रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्ति न हो”। पियानो के प्रति उनका प्यार उनके जीवन को राह दिखाता है व मजबूती देता है। डॉ अमन के संगीत साधना के सफर की बात करें तो वे महादेव शिव के प्रति अपनी भक्ति से प्रेरणा लेकर खुद को शक्ति देते हैं। उन्होंने लंदन के प्रतिष्ठित ट्रिनिटी कॉलेज से पाश्चात्य संगीत में भी शिक्षा प्राप्त की है। बाद में,उन्होंने संगीत को करियर बनाने के लिए भारतीय शास्त्रीय संगीत में भूषण डिग्री हासिल की और मुंबई से साउंड इंजीनियरिंग में भी डिग्री प्राप्त की।
    डॉ. अमन कहते हैं किउन्होंने कभी सोचा भी नहीं था की वे दुनिया के सबसे तेज़ पियानो वादक के रूप में उभरकर दुनिया के सामने आयेंगे और वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करेंगे। लेकिन बालपन से ही संगीत के प्रति अपनी लगन और कुछ नया कर गुजरने की इच्छा ने अमन को प्रसिद्ध पियानिस्ट के रूप में पहचान दिलाई।
    डॉ. अमन ने संगीत के प्रति अपनी लगन से भारतीय सिनेमा (बॉलीवुड रेट्रो) से लेकर अर्ध-शास्त्रीय, फ्यूजन, तकनीकी संगीत की बारीकियों को भी करीब से सीखा। आपको संगीत कला से संबंधित26वाद्य यंत्रों के वादन में महारत हासिल है। वे प्रख्यात संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा और महान संगीतकारए.आर.रहमान को अपना आदर्श मानते हैं।
    डॉ. अमनएक पेशेवर पियानिस्ट होने के साथ-साथ पियानो गुरु भी हैं। उनके अमन बाठलाज़ पैशनोट्स, द पियानो स्कूल में सभी आयु के बच्चों व बड़ों को पियानो सिखाया जाता है। इनकी एक शिष्या नेभारत की सबसे कम उम्र की पियानिस्ट के रूप में एक विश्व रिकॉर्ड बनाया जिसे इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्डस ने सम्मानित किया। इसी के साथ, उनके दूसरे शिष्य सत्यम उपाध्याय को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्डस ने ‘यंगेस्ट प्रोफेशनल सिंगर’ की उपाधि से सम्मानित किया गया है।

    डॉ.अमन बाठला को लोग एक म्यूजिक हीलर के रूप में भी जानते हैं। उनको संगीत के माध्यम से म्यूजिक हीलर की भूमिका में भी लोगों को खुशियाँ बांटते हुए देखा जा सकते है। उनका संगीत असाध्य रोगों के उपचार में सहायता करता है। उनकी संगीत थेरेपी से मानसिक विकारों से पीड़ित लोगो को आनंद मिलता है और उनमें नयी स्फूर्ति का संचार होता है।यह अनोखी म्यूजिक थेरेपी गर्भवती महिलाओं में अनिद्रा और चिड़चिड़ापन जैसे विकारों के उपचार में सहायक है। पियानो म्यूजिक थेरेपी क्रोध और तनाव को जड़ से मिटाने में भी सक्षम है। इससे मन को शांतिमिलती है। इस थेरेपी से न केवल विभिन्न प्रकार के असाध्य रोगों की हीलिंग होती है बल्कि यह जीवन में नया उल्लास और स्फूर्ति जगाने में भी सकारात्मक भूमिका निभाती है। आप लगातार समाज में देश की सेवा में लगे सैनिकों व उनके परिवार, विद्यालयों में गुरुओं, विद्यार्थियों, कॉपरेट सेक्टर आदि में 18 से ऊपर हर उम्र के लोगों के लिए हीलिंग व मैडिटेशन सेशन देकर समाज को तनाव मुक्त करने का अति महत्वपूर्ण कार्य कार्य कर रहे हैं. इसके लिए आपने प्रतिदिन एक घंटा समाज को किसी भी क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को हीलिंग व मैडिटेशन द्वारा तनाव मुक्त करने का संकल्प लिया है. आप देश के लिए वह कार्य कर रहे हैं जो आज तक किसी ने नहीं किया, हम आपके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हैं.

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